नौगांव/उत्तरकाशी। कमल नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर रविवार को तलड़ा, सुनारा छानी, थली समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने नौगांव-पुरोला मोटर मार्ग पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीण करीब चार घंटे तक सड़क पर डटे रहे। चक्का जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश कुमार के नेतृत्व में चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों का कहना था कि कमल नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग पिछले कई वर्षों से शासन-प्रशासन के समक्ष उठाई जाती रही है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक पुल निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त पुल के कारण ग्रामीणों की आवाजाही और अधिक मुश्किल हो जाती है।
मौके पर पहुंचे एसडीएम, ग्रामीणों से की वार्ता
चक्का जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम पुरोला मुकेश रमोला मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद एसडीएम ने कमल नदी में क्षतिग्रस्त पुल स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों को पुल निर्माण से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी दी।
एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर ट्रॉली निर्माण का कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बरसात के दौरान ग्रामीणों को अस्थायी रूप से आवाजाही की सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि तलड़ा पुल निर्माण के लिए तैयार डीपीआर को शासन से जल्द स्वीकृति दिलाने के लिए आवश्यक स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ चक्का जाम
एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम और धरना समाप्त कर दिया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ट्रॉली निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ और स्थायी पुल की डीपीआर को शासन से स्वीकृति दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि कमल नदी पर पुल का निर्माण केवल तलड़ा गांव की जरूरत नहीं है, बल्कि तलड़ा, सुनारा छानी, थली समेत आसपास के कई गांवों की आवाजाही से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। पुल के अभाव में ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को बरसात के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल बनने से क्षेत्र के कई गांवों को नौगांव और पुरोला से बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा तथा बरसात के दौरान आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
ये ग्रामीण रहे मौजूद
चक्का जाम और धरने में अंकित रमोला, सुमन राणा, गजेंद्र, सुनील रावत, जनक नेगी, दिनेश कुमार, ऋतिक चमोली, नवीन चमोली, हरेंद्र सिंह राणा, सुरेंद्र राणा, विपिन रावत, मानवेंद्र राणा, विजय कुमार, सचिन कुमार, दीपक रमोला समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

