देहरादून/उत्तरकाशी।
भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण बैठक आज 22 मई 2026 को उपाध्यक्ष रामसुन्दर नौटियाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में भागीरथी घाटी क्षेत्र के विकास, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में उत्तराखण्ड नदी घाटी (विकास और प्रबन्ध) अधिनियम 2005 की धारा-31 (1) एवं (2) के तहत नदी घाटी खनिज अधिकारों पर उपकर लगाए जाने के विषय पर विचार किया गया। बताया गया कि प्राधिकरण को खनिज अधिकारों के लिए उपकर लगाने का अधिकार है, हालांकि इसके लिए राज्य सरकार की पुष्टि आवश्यक होगी। इस दौरान यह प्रस्ताव रखा गया कि वर्तमान में लागू खनिज नियमों एवं विनियमों में 2 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सा भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के लिए निर्धारित किया जाए। इस संबंध में अधिसूचना जारी कराने हेतु मुख्यमंत्री स्तर पर मामला रखने की बात कही गई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा इस संबंध में शासन को सुसंगत प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि प्राधिकरण को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके और घाटी क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिल सके।
इसके अलावा बैठक में अधिनियम की धारा-12 का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत राज्य सरकार द्वारा प्राधिकरण को वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। बैठक में बताया गया कि अधिनियम के अनुसार टिहरी बांध अथवा अन्य विद्युत उत्पादन संस्थाओं से विद्युत विभाग को प्राप्त अथवा प्राप्य धनराशि का 20 प्रतिशत हिस्सा प्राधिकरण को दिया जाना चाहिए, लेकिन कई बार अनुरोध के बावजूद आज तक संबंधित मद में कोई धनराशि जारी नहीं की गई।
इस मुद्दे पर मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों ने एकमत होकर नाराजगी जताई और राज्य सरकार से प्राधिकरण को निर्धारित 20 प्रतिशत धनराशि शीघ्र जारी कराने की मांग उठाई। साथ ही मुख्यमंत्री एवं प्राधिकरण अध्यक्ष के समक्ष इस विषय को मजबूती से रखने पर सहमति बनी।
बैठक में विधायकगणों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भागीरथी नदी घाटी क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा-8 में उल्लिखित कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। जल, जंगल और जमीन से जुड़ी स्थानीय आकांक्षाओं तथा पारिस्थितिकीय संतुलन को संवेदनशीलता के साथ प्रबंधित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
बैठक में विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह, धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी धीरेन्द्र कुमार सिंह, वित्त अधिकारी शैलेन्द्र बुटोला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

