बड़कोट। उत्तरकाशी जिले की यमुनाघाटी के नगणगांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यमुनोत्री पृथक जनपद संघर्ष समिति की ओर से ज्ञापन सौंपकर यमुनोत्री जनपद को शीघ्र अस्तित्व में लाने की मांग उठाई गई।
वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा यमुनोत्री, कोटद्वार, डीडीहाट और रानीखेत सहित चार नए जनपदों की घोषणा की गई थी, लेकिन 15 वर्ष बीतने के बाद भी ये जनपद आज तक भी अस्तित्व में नहीं आ सके हैं। यमुनोत्री पृथक जनपद के अस्तित्व में लाने की मांग को लेकर यमुनाघाटी क्षेत्र की जनता लगातार संघर्ष कर रही है, लेकिन प्रदेश की सरकारों द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नही की जा रही है। जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है।
यमुनोत्री पृथक जनपद संघर्ष समिति अध्यक्ष भरत सिंह चौहान ने कहा कि यमुनाघाटी की भौगोलिक परिस्थितियों और जनता की सुविधा को देखते हुए पृथक जनपद की मांग लंबे समय से की जा रही है तथा क्षेत्रीय जनता इसके लिए लगातार आंदोलन भी करती आ रही है। क्षेत्र की जनता के हितों के अनुरूप यमुनोत्री जनपद के बनना नितांत आवश्यक है।
क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि सरकार जल्द जल्द यमुनोत्री पृथक जनपद के गठन की प्रक्रिया शुरू कर उसे अस्तित्व में लाया जाय। यमुनोत्री पृथक जनपद बनने से रवांई घाटी क्षेत्र के लोगों को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय की लंबी दूरी से निजात मिलेगी। साथ ही इस घाटी का चहुंमुखी विकास भी संभव हो सकेगा
ज्ञापन देने वालों में भरत सिंह चौहान अध्यक्ष यमुनोत्री पृथक जनपद संघर्ष समिति, दरमियान चौहान, राजीव जयाड़ा, रविन्द्र सिंह रावत, तरवीन सिंह राणा, संपन्न बहुगुणा, राम प्रकाश, शांति प्रसाद, नागेंद्र सिंह, अवतार सिंह, जयबीर सिंह, खजान सिंह, महावीर पंवार,आयुष रावत, आलेंद्र सिंह सहित ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

