उत्तरकाशी।डूंडा ब्लॉक अंतर्गत आयोजित माँ रेणुका विकास मेले के पांचवें दिन आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। जहां एक ओर देव डोलियों का भव्य समागम श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा, वहीं दूसरी ओर विराट हिन्दू सम्मेलन में सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्द्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मेले में क्षेत्रभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में देव डोलियों का स्वागत किया। ढोल-दमाऊं की थाप और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो उठा।
सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोक कलाकार ओम सेमवाल, रीना घनवान, रवांई डांस ग्रुप सुरेश भवानी,नरेश बादशाह और संजय हराण ,अमित ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके गीतों पर युवा और बुजुर्ग सभी देर रात तक थिरकते नजर आए। लोक संस्कृति की झलक ने मेले को जीवंत बना दिया।
पांचवें दिन विभिन्न क्षेत्रों से आई देव डोलियों का भव्य मिलन हुआ। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देव आह्वान और आशीर्वाद का क्रम देर तक चलता रहा।
सम्मेलन में सनातन संरक्षण पर चर्चा
आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में वक्ताओं ने सनातन धर्म की परंपराओं को सुरक्षित रखने और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने पर जोर दिया। समाज में एकता, सांस्कृतिक गौरव और धार्मिक मूल्यों के संवर्द्धन का आह्वान किया गया।
माँ रेणुका विकास मेला समिति की ओर से देव पशुवा, बाजगी समुदाय, नाई समुदाय और बाल्मीकि समुदाय के प्रतिनिधियों को पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
माँ रेणुका विकास मेले का पांचवां दिन आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला रहा। देव डोलियों के समागम और विराट हिन्दू सम्मेलन ने यह साबित किया कि उत्तरकाशी की धरती आज भी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार ‘हैप्पी’, विभाग प्रचारक अजय, अध्यक्ष गंगा धर जोशी, जिला प्रचारक गौतम, हिमांशु शेखर जोशी, स्वाति नौटियाल, जय प्रकाश राणा, मनवीर रावत, राघवेंद्र उनियाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

