नौगांव। विकासखण्ड में आयोजित तीन दिवसीय रवांई लोकमहोत्सव का शुभारंभ भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने दीप प्रज्वलन कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बाबा बौखनाग देवता के माली रुद्रेश्वर महाराज के माली तथा माता भद्रकाली के माली की साक्षी में लोकमहोत्सव का शुभारंभ किया गया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने कहा कि यमुना घाटी की संस्कृति की अपनी एक विशिष्ट पहचान है और इस संस्कृति को बचाना हम सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से हमारी लोक संस्कृति जीवित रहती है और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। ऐसे मंचों के माध्यम से बच्चों और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जिससे वे आगे बढ़कर अपनी कला को निखार सकते हैं। जहां संस्कृति सुरक्षित रहती है, वहीं एक अच्छे और सशक्त समाज की कल्पना की जा सकती है।
कार्यक्रम की शुरुआत दौलत राम रवांल्टा सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा भावपूर्ण सरस्वती वंदना से हुई। इसके पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं रुद्रेश्वर देवता के हारोल गीत की प्रस्तुति पर पंडाल में बैठे दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। स्थानीय कलाकारों ने भी पारंपरिक गीत, नृत्य और लोकधुनों के माध्यम से रवाई संस्कृति के विविध रंग मंच पर बिखेरे।
नौगांव रवांई लोक महोत्सव के पहले दिन की प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि रवांई क्षेत्र की समृद्ध लोकसंस्कृति को संजोने और आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच भी
इस अवसर पर राज्य मंत्री जगत सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी, माली संजय प्रसाद डिमरी, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश असवाल, प्रताप सिंह चौहान, शशि मोहन रावत, अनोज रावत,शशि भूषण रमोला, श्वेता बधानी, योगेश बधानी, यशवंत रावत, नरेश नौटियाल,प्रदीप रावत, प्रेम पंचोली, पुष्कर नेगी,विशाल मणी नौटियाल,मनोज इष्टवाल, भगवती प्रसाद, विजयलक्ष्मी जोशी, राजेन्द्र सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

