नौगांव/बड़कोट।विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (10 सितम्बर) के अवसर पर बुरांस प्रोजेक्ट द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर बुरांस टीम ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रभावी संदेश दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था यह बताना कि “जीवन अनमोल है, और हर समस्या का समाधान बातचीत और सहयोग से संभव है।”
नौगांव सीएचसी में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 60 आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने अपने समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की और माना कि लोग अक्सर इन समस्याओं को छुपाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
नुक्कड़ नाटकों में छात्रों पर पढ़ाई का दबाव, कर्मचारियों पर ऑफिस और परिवार का तनाव, युवाओं में पियर प्रेशर व रिश्तों में असफलता, रूप-रंग और शारीरिक बनावट को लेकर उपहास, महिलाओं पर घरेलू हिंसा और भेदभाव जैसे मुद्दों को प्रस्तुत किया गया। इन नाटकों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि निराशा में डूबना समाधान नहीं है, बल्कि मदद लेना और आगे बढ़ना ही जीवन का सही रास्ता है।
इस मौके पर सीएचसी नौगांव के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रोहित भंडारी ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला और कठिनाइयों से जूझने के उपाय बताए। आशा ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कविता ने भी आत्महत्या रोकथाम पर प्रेरक विचार रखे।
कार्यक्रम की रूपरेखा बुरांस प्रोजेक्ट की प्रोजेक्ट फील्ड ऑफिसर कृष्णा रावत ने तैयार की थी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, समय पर इलाज और समुदाय की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
नौगांव में बुरांस टीम की सदस्याएँ — रूचिता, यमनोत्री राणा, अंकिता, सोनम राणा, समिता, रिया और कविता ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। वहीं बड़कोट सीएचसी में नीरज रावत, मिनिका, दीपिका, प्रतीक्षा, साक्षी, पूनम और कंचन असवाल ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को जीवन का महत्व समझाया।

