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उत्तरकाशी धर्म राज्य उत्तराखंड

उत्तरकाशी :सरनौल में हवन यज्ञ, पूजा अर्चना के साथ सात दिवसीय भागवत कथा हुई संपन्न

 

 

जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट/उत्तरकाशी

माता रेणुका आश्रम सरनौल में स्व श्री हरिकृष्ण सेमवाल की पुण्य स्मृति में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा शनिवार को विधिवत हवन यज्ञ, पूजा अर्चना के साथ संपन्न हो गई है तथा कथा समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कथा के अंतिम दिवस यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल भी भागवत कथा श्रवण करने पहुंचे।
श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिवस कथा व्यास संत श्री शिव प्रसाद नौटियाल शास्त्री ने भागवत कथा के महात्म्य का सार सुनाया तथा कहा कि कथा कभी समाप्त नहीं होती बल्कि विराम लेती है और आज रेणुका आश्रम सरनौल में भागवत कथा सात दिन बाद विराम ले रही है।
उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि जिस तरह तुलसी, केला, पीपल, बड़ आदि पेड़, पौधों ने तथा गंगा, यमुना, सरस्वती आदि नदियों ने अपना अस्तित्व बनाया है, उसी तरह मानव को भी अपना अस्तित्व बनाना चाहिए, जिससे मनुष्य के अस्तित्व, सद्आचरण के अनुरूप मरणोपरांत भी पूजा जाय, उन्हें याद किया जाय।
कथा में श्रीमती भरोसी पत्नी स्व हरिकृष्ण सेमवाल, राजेन्द्र सेमवाल शास्त्री, द्वारिका सेमवाल, अनिल सेमवाल, सुशील सेमवाल, सुनीता सेमवाल, मीरा सेमवाल, सुषमा सेमवाल, अनुजा सेमवाल, मरकंडी सेमवाल, मनोज सेमवाल, ममलेश सेमवाल, भागवत सेमवाल, सारदा देवी, पुष्पा सेमवाल सहित सरनौल ग्रामवासियों ने कथा श्रवण करने पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का स्वागत कर आभार प्रकट किया।
कथा श्रवण करने वालों में बिजेंद्र सिंह राणा, बलबीर राणा, नरेश डिमरी, अनिल लोहनी, शक्ति प्रसाद सेमवाल, कमलेश्वर सेमवाल सरदार चौहान, संयज अग्रवाल, एलम सिंह चौहान, श्यामसिंह चौहान, जगमोहन राणा, रणवीर राणा, प्रवीन राणा, सहित बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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