बड़कोट (उत्तरकाशी)। तहसील बड़कोट के ग्राम सभा सिडक (बनाल) में वन सरपंच के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव के ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को सामूहिक शिकायत सौंपकर 27 अक्टूबर 2026 को कराए गए वन सरपंच के चुनाव को नियम विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने और पारदर्शी तरीके से दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव से पहले गांव में कोई सार्वजनिक सूचना, लिखित नोटिस अथवा मुनादी नहीं कराई गई। अधिकांश ग्रामीणों को चुनाव की तिथि और समय की जानकारी तक नहीं थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान ने जानबूझकर चुनाव की जानकारी गोपनीय रखी, जिससे कई ग्रामीण मतदान और अपनी भागीदारी के अधिकार से वंचित रह गए।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि नवीन बड़ोनी नामक व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट से चुनाव संबंधी पोस्टर प्रसारित किया गया। ग्रामीणों ने पोस्टर की सत्यता और उसे प्रसारित करने के उद्देश्य की जांच कराने की मांग की है। वहीं, मौके पर मौजूद पटवारी द्वारा चुनाव से 10 से 15 दिन पूर्व सूचना दिए जाने की बात कहे जाने का भी शिकायत में उल्लेख है।
इसके अतिरिक्त वनीकरण और मनरेगा की धनराशि में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, परिवार के सदस्यों के जॉब कार्ड पर फर्जी हाजिरी दिखाकर भुगतान कराने तथा ग्राम प्रधान के बुजुर्ग पिता के खाते में 12 हजार रुपये से अधिक की धनराशि डलवाने का आरोप भी लगाया गया है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, चुनाव निरस्त करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पत्र देने वालो में सुखदेव बडोनी, राकेश भट्ट ,गुरु प्रसाद बहुगुणा ,आशीष भट्ट, दीपक नौटियाल, अरुण थपलियाल ,गिरीश, मुकेश लाल ,तर्पणी देवी ,मीना बहुगुणा, आराधना नौटियाल, सीमा नौटियाल, अनुसूया नौटियाल, रमिता सेमवाल शामिल थे। इधर उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि उक्त प्रकरण की जांच खण्ड विकास अधिकारी व नायब तहसीलदार को निर्देशित किया है रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

