बड़कोट, उत्तरकाशी। रंवाई घाटी के शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास से जुड़े जनहित के मुद्दों को लेकर क्षेत्र में एक नए जनआंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। ‘आजाद पंचायत, रंवाई घाटी’ के बैनर तले क्षेत्र के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। संगठन ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी बड़कोट को पत्र भेजकर धरना-प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
पत्र के अनुसार 15 अगस्त 2026 को रौतेला होटल, तुनाल्का, तहसील बड़कोट में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रंवाई घाटी की दीर्घकालीन एवं जनहितकारी मांगों को शासन और प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण जनआंदोलन चलाया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित आंदोलन पूर्णतः गैर-राजनीतिक होगा तथा इसका किसी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति विशेष के समर्थन या विरोध से कोई संबंध नहीं रहेगा।
रंवाई विश्वविद्यालय की स्थापना प्रमुख मांग
आंदोलन की प्रमुख मांगों में सबसे पहले रंवाई विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग रखी गई है। संगठन का कहना है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय में कृषि, बागवानी, पर्वतीय विकास, पर्यटन, पर्यावरण, विज्ञान, कला, वाणिज्य सहित विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए।
संगठन के अनुसार ऐसा विश्वविद्यालय स्थापित किया जाना चाहिए, जो रंवाई घाटी की स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप शोध एवं विकास का केंद्र बन सके। इससे क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों की ओर पलायन करने से राहत मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पताल की मांग
आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग रंवाई घाटी में मेडिकल कॉलेज एवं आधुनिक अस्पताल की स्थापना है। संगठन का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को उपचार के लिए दूरदराज के शहरों की ओर जाना पड़ता है।
पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र में ऐसा चिकित्सा संस्थान स्थापित किया जाए, जहां स्थानीय लोगों को पहाड़ में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों और युवाओं को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिल सकें। संगठन ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में किसी परिवार को अपने प्रियजन को खोने की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए आधुनिक चिकित्सा संस्थान की आवश्यकता है।
15 सितंबर से रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित
पत्र में बताया गया है कि ‘आजाद पंचायत, रंवाई घाटी’ के तत्वावधान में 15 सितंबर 2026 से नगरपालिका बड़कोट के रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण कार्यक्रम शुरू किया जाना प्रस्तावित है।
संगठन ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में संचालित किया जाएगा। धरने के दौरान कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को पूरा सहयोग देने की बात भी कही गई है।
राजनीतिक हस्तक्षेप से आंदोलन को दूर रखने का दावा
संगठन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि आंदोलन को किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। आंदोलन का उद्देश्य केवल रंवाई घाटी की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास से जुड़ी मांगों को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखना है।
‘आजाद पंचायत, रंवाई घाटी’ ने प्रशासन से प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति प्रदान करने तथा धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। अब देखना होगा कि शासन और प्रशासन इन प्रमुख मांगों पर क्या कदम उठाता है और प्रस्तावित आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।
पत्रकार वार्ता में विजयपाल रावत, बासुदेव डिमरी,अनुज रावत, संदीप डोभाल, जयप्रकाश, आनंद परमार,बाबुराम, गणेश राणा, राधेश्याम,खजान सिंह,अमर, अंकित रावत,रीसभ जोगटा, सुनील रावत, आशीष विश्वकर्मा,अक्षत इंदवाण।

