उत्तरकाशी। यमुना घाटी के विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राना-निषणी-सैडी से फूलचट्टी तक प्रस्तावित बायपास सड़क के निर्माण की मांग तेज कर दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री तथा टिहरी लोकसभा सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह को एक संयुक्त ज्ञापन प्रेषित किया गया है।
ग्राम पंचायत निषणी के प्रधान मनोज चौहान एवं ग्राम पंचायत निषणी के प्रतिनिधि निर्मल के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और टिहरी लोकसभा सांसद को भेजे गए इस ज्ञापन में क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों की सहमति शामिल है। ज्ञापन पर ग्राम पंचायत निषणी, पिण्डकी-मदेश, दागुडगांव, राना, बाडिया, कुठार, दुरबील, बनास, खरसाली, नारायणपुरी, कुपड़ा, कुन्साला और वोजरी सहित अनेक ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने समर्थन जताया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि रानाचट्टी से निषणी मोटर मार्ग को फूलचट्टी तक बायपास मार्ग के रूप में विकसित किया जाना जनहित और पर्यटन हित में अत्यंत आवश्यक है। वर्ष 2013 में भी इस मार्ग के निर्माण को लेकर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों द्वारा प्रयास किए गए थे, लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में रानाचट्टी-बाडिया-जंगलचट्टी से फूलचट्टी तक का मार्ग अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां बरसात के दौरान भूस्खलन और भू-धंसाव के कारण यातायात बार-बार बाधित होता रहता है। ऐसे में वैकल्पिक बायपास मोटर मार्ग का निर्माण समय की आवश्यकता बन गया है।
ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क के निर्माण से गुलाबी कांठा, डिजिटल ऑर्चर्ड टॉप समेत अन्य पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी और राना, बागुणा, पिण्डकी, मदेश, निषणी, बनास सहित आसपास के गांवों के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही क्षेत्रीय लोगों की आजीविका मजबूत होने के साथ-साथ यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा भी मिल सकेगी।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री और सांसद से जनहित को देखते हुए राना से निषणी, सैडी होते हुए फूलचट्टी तक बायपास सड़क के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने और शीघ्र कार्यवाही करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना के साकार होने से यमुना घाटी के विकास को नई गति मिलेगी।

