उत्तरकाशी/सुनील थपलियाल।विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में एक ओर जहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है, वहीं यात्रा व्यवस्थाओं में लगे मजदूरों के बीच असंतोष गहराता जा रहा है। जिला पंचायत के अधीन कार्य कर रहे ठेकेदारों पर मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार, मनमानी और भारी अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं।
मजदूर सुमन , ममराज सिंह, विशाल चौहान , दिनेश सिंह का कहना है कि जिला पंचायत द्वारा रोटेशन व्यवस्था लागू करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। आरोप है कि कुछ लोगों को लगातार काम दिया जा रहा है, जबकि कई मजदूरों को लंबे समय तक काम से वंचित रखा जा रहा है। इससे मजदूरों में भारी नाराजगी व्याप्त है और कई मजदूर काम छोड़कर अपने घरों को लौटने लगे हैं।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि व्यवस्था में पारदर्शिता का अभाव है और कुछ ठेकेदार अपनी मनमर्जी से कार्य आवंटित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। मजदूरों ने इसे दादागिरी करार देते हुए निष्पक्ष व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
हालांकि जिला पंचायत से जुड़े ठेकेदार कैमरे के सामने आने से बचते रहे, लेकिन मजदूरों की आपबीती से साफ संकेत मिल रहे हैं कि यमुनोत्री धाम और जानकीचट्टी क्षेत्र में यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
मजदूरों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया और रोटेशन प्रणाली को निष्पक्ष ढंग से लागू नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में मजदूर काम छोड़ने को मजबूर होंगे, जिसका सीधा असर यात्रा व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।
अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन और जिला पंचायत मजदूरों की शिकायतों का संज्ञान लेकर स्थिति को सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

