बड़़कोट।मानव-वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में घटनाओं की रोकथाम एवं न्यूनीकरण को लेकर अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभागीय वनाधिकारी श्री रविंद्र पुंडीर के निर्देशन में रवांई रेंज के डख्याट गांव, यमुनोत्री रेंज के खरसाली एवं बीफ गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न सुरक्षा उपकरणों के साथ नियमित रूप से रात्रि गश्त की जा रही है।
वन विभाग द्वारा दिन के समय क्षेत्रवासियों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने, सतर्क रहने एवं वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों के घरों के आसपास एवं मुख्य मार्गों की ओर फॉक्स लाइट तथा एनाइडर लगाए गए हैं। इसके साथ ही स्मार्ट स्टिक जैसे आधुनिक उपकरणों का भी प्रयोग किया जा रहा है, जिससे भालू मानव बस्तियों की ओर न आ सकें।
वन विभाग द्वारा जनप्रतिनिधियों, युवक मंगल दल एवं महिला मंगल दल के सहयोग से संवेदनशील मार्गों व गांवों के आसपास झाड़ियों की कटाई-छंटाई बुश कटर से कराई जा रही है, ताकि भालू को छुपने के लिए उपयुक्त स्थान न मिल सके। इसके अतिरिक्त ड्रोन के माध्यम से भी संवेदनशील क्षेत्रों में भालू की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जा रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग बड़कोट की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की है। यमुनोत्री रेंज अंतर्गत ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के निरंतर प्रयास, आधुनिक उपकरणों के प्रयोग एवं नियमित रात्रि गश्त के परिणामस्वरूप गत दो माह की तुलना में वर्तमान समय में भालू की मानव बस्तियों में आवाजाही में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।

