नौगांव/अरविन्द थपलियाल।उत्तराखंड में एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था के मजबूती का ढोल पीटने का काम कर रही है दूसरी तरफ राज्य में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है।
मामला जनपद उत्तरकाशी के प्रखंड नौगांव का है जहां प्राथमिक विद्यालय थोलिंका का यह पलायन आयोग का विद्यालय भगवान भरोसे है और लाखों का सामान धूल फांक रहा है।
बतादें कि प्राथमिक विद्यालय थोलिंका में एक शिक्षक है लगभग १५-से२०-छात्र/छात्राएं हैं और लगभग दस छात्र छात्राओं ने दूसरे विद्यालय में अपना दाखिला कराया है अब यह नौनिहाल भी यहां से दूसरे विद्यालय में जाने की राह देख रहे हैं।
ग्राम पंचायत प्रशासक कुलवंती राणा ने बताया कि थोंलिंका ग्राम पंचायत पलायन आयोग में है और यहां छात्र छात्राओं के लिये कंप्यूटर लैब सहित लगभग पांच लाख का सामान आया है लेकिन आपरेटर नहीं होने से यह सामान धूल फांक रहा है और विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है।
मामले पर अभिभावक संघ अध्यक्ष चतर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता नैन सिंह राणा,पूरण लाल, गजेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह,अकबर सिंह सहित ग्रामीणों ने गांव की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है और अपने नौनिहालों को लेकर परेशानी की बात कही है और यह बताया कि ग्रामीण शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कही बार वार्ता कर चुके हैं लेकिन विभाग की तरफ कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है जिससे अब अभिभावकों को अपने बच्चों को दूसरे विद्यालयों में भेजने पर मजबूर होना पड़ रहा है जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शिक्षा विभाग की होगी।
साथ में ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया है कि यदि यहां तीन दिन के भीतर कंप्यूटर आपरेटर और शिक्षक की व्यवस्था नहीं होती है तो विभाग के खिलाफ आंदोलन भी ग्रामीण कर सकतें हैं।

