देहरादून।
खाद्य एवं आपूर्ति विपणन विभाग के बेस गोदाम विकासनगर का खेल रुकने का नाम नही ले रहा है,पहले घटिया राशन की आपूर्ति और अब यमुनाघाटी आने वाले वाहनों के चालकों को परेशान किया जाना विभाग की कार्यप्रणाली को दर्शा रहा है। विकासनगर बेस गोदाम के बाहर लगाया गया ट्रक का जाम का वीडियो बड़ा वायरल हो रखा है।
मालूम हो कि विकासनगर बेस गोदाम से उत्त्तरकाशी के यमुनाघाटी ,टिहरी के नैनबाग और देहरादून के कालसी,चकराता, सहसपुर सहित आसपास के सरकारी गोदामों के लिए राशन की सफ्लाई की जाती है। और जब से बड़कोट में चार एलपी ट्रको को गुणवत्ताविहीन चावलों की खेप को प्रशासन ने रंगे हाथों पकड़ा था उसके बाद से खाद्यान्न के विपणन विभाग में हड़कंप मचा हुआ रहा । नतीजन यमुनाघाटी सहित आसपास के गोदामों में साफसुथरा बेहतर चावल आना शुरू हो गया। उच्च अधिकारियों से मिली फटकार के बाद से चावल के कट्टे बेहतर किस्म के देने के अलावा नया खेल शुरू हो रखा है जिसमें यमुनाघाटी के राशन सफ्लाई में जुटे ट्रकों के चालकों को परेशान किया जा रहा है । उन्हें चावल भरान /लोड करने के लिए चक्कर पर चक्कर लगवाये जा रहे है।सुबह से बेस गोदाम में जाने के लिए खड़ी गाड़ी को गेट से भीतर नही जाने दिया जा रहा है। आक्रोशित ट्रक चालकों को मजबूरन मेन गेट पर जाम लगाना पड़ा उसके बाद आनन फानन में विभागीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ट्रकों को बेस गोदाम में इंट्री मिल पाई।
दरअसल बेस गोदाम विकासनगर के विपणन विभाग के 0हालात ठीक नही है सुबह से खड़े ट्रकों को दो या तीन घंटे बाद इंट्री मिलना व उनको भरा जा रहा है। सभी ट्रक चालकों में विभाग की कार्यप्रणाली से भारी आक्रोश व्याप्त है। रवांई घाटी ट्रक यूनियन से जुड़े चालक प्रवीन, दीपक,देशराज, सुदेश,जगमोहन आदि ने बेस गोदाम में राशन लोड करते हुए भारी परेशान किए जाने का आरोप लगाया है।
चालकों ने अपने पत्र में लिखा है की हम समस्त ड्राईवरों को खाद्यान्न भरने बेस गोदाम विकासनगर में आना पडता है। जहाँ से हम खाद्यान्न को जनपद उत्तरकाशी के यमुना घाटी के गोदामों को ले जाते है। हम सुबह 10:00 बजे बेस गोदाम के गेट पर गेट पास लेकर खड़े हो जाते है जहाँ पर गोदाम का चौकीदार श्री कर्मवीर हमारी गाडियों को अन्दर नही आने देता है। वह गेट पर ताला लगा देता है। सुबह से ही शराब पीये रहता है। जो गाडी वाले हम से बाद में आते है व उसे जो 20 – 50 रूपये देते है उन्हें गेट खोलकर अन्दर कर देता है फिर बोलता है कि अन्दर जगह नहीं है। इस प्रकार हमरी गाडी डेली सुबह 10:00 बजे गेट पास कटा के 02 से 03 घंटे बाहर ही रहती है। बाहर रोड पर गाडी लगाने की जगह नही है। जैसे तैसे हम गाडी अन्दर करवाते है तो अन्दर गाडी भरने में लेबर आना कानी करने लगती है। इस तरह हमारी गाडी शाम 05 बजे के बाद ही भरकर बाहर आ पाती है। आज भी हमारी गाडियों के साथ यही किया गया जिससे परेशान होकर आज हम गाडी वालों ने गेट पर गाडी लगा दी थी जिससे जाम भी लगा पर फिर भी हमारी गाडी के लिये गेट नहीं खोला गया। मामला बिगडने पर गेट खोला गया जिससे हमारी गाडियां 12 बजे के बाद अन्दर की गयी। हमारी लास्ट गाडी की टी०सी० भी 6:00 बजे बनी है। हम दिन भर परेशान रहते है ना ही खाना खा पाते है। बैस गोदाम के अन्दर कोई भी साहब व मैडम जी हमारी सुनते नही है। बेस गोदाम के अन्दर कांटे में भी समस्या है सर जी कांटे का डिसप्ले बाहर भी लगवा दीजिये जिससे हमको भी गाडी का बजन दिख सके। हमारे अन्दर आने से पहले वजन फिक्स हो जाता है।
इसमें गहनता से जांच की जाय और चालकों को परेशान न किया जाय।
टीम यमुनोत्री Express

