बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव बड़कोट में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशेषज्ञ चिकित्सकों और नर्सिंग अधिकारियों की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में कर्मचारियों की कमी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिहाज से नगर पालिका बड़कोट बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। यात्रा सीजन के दौरान यहां स्थानीय मरीजों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और यात्री भी उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। लेकिन वर्तमान में अस्पताल में फिजिशियन की अनुपस्थिति और नर्सिंग अधिकारियों की कमी से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट में आठ नर्सिंग अधिकारियों के सापेक्ष वर्तमान में केवल तीन नर्सिंग अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से तीनों को यात्रा मार्ग पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे रहने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। वहीं, अस्पताल में स्थानांतरित किए गए नर्सिंग अधिकारियों के स्थान पर नई तैनाती नहीं होने से नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले यात्रा काल में अस्पताल चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता से बेहतर सेवाएं प्रदान करता था। लेकिन पिछले करीब दो माह से विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति और कर्मचारियों की कमी के चलते अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सामाजिक चेतना की बुलन्द आवाज ” जय हो ” ग्रुप का कहना है कि अस्पताल में निदेशालय स्तर से तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक भी बरसात के बाद से यहां नहीं पहुंचे हैं। फिजिशियन की उपलब्धता न होने से गंभीर और सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों का रुख करने से मरीजों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है।
यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर स्थित बड़कोट में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी यात्रियों के लिए भी चिंता का विषय है। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और रिक्त नर्सिंग पदों पर शीघ्र तैनाती की मांग की है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंगद राणा ने बताया कि बरसात के बाद से कोई विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल में नहीं आया है। नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उत्तरकाशी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही नर्सिंग अधिकारियों की तैनाती हो जाएगी।
अब स्थानीय लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। नागरिकों ने स्वास्थ्य मंत्री और उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर सीएचसी बड़कोट में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित तैनाती तथा पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि स्थानीय मरीजों और यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

