देहरादून।
जौनसार-बावर क्षेत्र के जखनोग गांव में इन दिनों खुशी और गर्व का माहौल है। गांव के होनहार दो युवाओं आयुष सेमवाल और स्वप्निल सेमवाल ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा Union Public Service Commission (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विशेष रूप से आयुष सेमवाल ने अपनी तीसरी कोशिश में यह मुकाम हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से हर लक्ष्य पाया जा सकता है।
आयुष की इस सफलता से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जौनसार-बावर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। गांव के लोग इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण मान रहे हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बता रहे हैं।
आयुष सेमवाल के पिता एस.एल. सेमवाल उत्तराखंड सरकार में सीनियर पीसीएस अधिकारी/निदेशक उद्यान विभाग के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता सुनीता देवी एक साधारण गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग और प्रेरणा ने आयुष को अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आयुष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के प्रतिष्ठित Brightlands School से इंटरमीडिएट तक पूरी की। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए University of Delhi का रुख किया, जहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। कई वर्षों की कठिन मेहनत और अनुशासन के बाद तीसरे प्रयास में उन्हें यह बड़ी सफलता मिली।
आयुष पुत्र एसएल सेमवालऔर स्वप्निल पुत्र मुकेश सेमवाल की उपलब्धि से जखनोग गांव में जश्न जैसा माहौल है। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने दोनों युवाओं को बधाई देते हुए इसे पूरे जौनसार-बावर क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी को भी सिविल सेवा जैसी बड़ी परीक्षाओं की ओर प्रेरित करेगी।
अपनी सफलता पर आयुष सेमवाल ने कहा, “माता-पिता का आशीर्वाद, गुरुजनों का मार्गदर्शन और लगातार मेहनत ही सफलता का मूल मंत्र है। मैं गांव और क्षेत्र के सभी युवाओं से कहना चाहता हूं कि अपने सपने बड़े रखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी लगन से मेहनत करें।”
आयुष और स्वप्निल की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी युवा देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर सकते हैं।

