बड़कोट (उत्तरकाशी)।
होमगार्ड विभाग में पूरे 40 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और ऊर्जा के साथ सेवा देने वाले “यंग मैन” के नाम से प्रसिद्ध सफरी लाल आज सेवानिवृत्त हो गए। चार दशक तक पुलिस थानों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाले सफरी लाल की विदाई के अवसर पर कोतवाली बड़कोट का माहौल भावुक हो उठा।
साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया और भावभीनी विदाई देते हुए पूरे सम्मान के साथ उनके गाँव तक छोड़ने भी गए। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि “यंग मैन की कमी कोतवाली बड़कोट को हमेशा खलेगी।”
40 वर्षों तक थानों में सक्रिय भूमिका
सफरी लाल ने अपने सेवा काल के दौरान विभिन्न पुलिस थानों में कर्तव्यनिष्ठा के साथ ड्यूटी निभाई। चाहे कानून-व्यवस्था की ड्यूटी हो, आपात स्थिति हो या रात्रि गश्त—हर जिम्मेदारी को उन्होंने पूरी ऊर्जा से निभाया। उनकी कार्यशैली और सकारात्मक स्वभाव के कारण साथी उन्हें स्नेह से “यंग मैन” कहकर पुकारते थे।
पेंशन सुविधा का अभाव बना चर्चा का विषय
विदाई समारोह के दौरान यह विषय भी उठा कि 40 वर्षों की लंबी सेवा देने के बावजूद होमगार्ड जवानों को पेंशन की सुविधा प्राप्त नहीं है। यह कमी स्वयं सफारी लाल सहित उनके साथियों को अवश्य खलेगी। वर्षों तक पुलिस विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवा देने के बाद भी सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था न होना एक विचारणीय विषय बन गया।
इन अधिकारियों ने दी विदाई
इस अवसर पर प्रभारी एसआई रणवीर सिंह चौहान, एसआई भूपेंद्र सिंह, टीएसआई वीरेंद्र पंवार सहित कोतवाली बड़कोट के समस्त अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की।
विदाई के क्षणों में सफरी लाल ने भी अपने साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस परिवार का स्नेह उन्हें हमेशा याद रहेगा।
चार दशकों की सेवा के बाद “यंग मैन” भले ही सेवानिवृत्त हो गए हों, लेकिन उनकी कर्मठता और मुस्कान की यादें कोतवाली बड़कोट में लंबे समय तक जीवित रहेंगी।

