बड़कोट।प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर बड़कोट के महंत रामानंद गिरी महाराज का मंगलवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। महंत जी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और मंगलवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
मंगलवार को ही मंदिर समिति एवं नगर के दर्जनों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में उनके पार्थिव शरीर को गगनानी स्थित गंगा–यमुना घाट पर समाधि दी गई। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, साधु-संत और गणमान्य लोग मौजूद रहे। जैसे ही लोगों को उनके निधन की सूचना मिली, जिसने भी सुना वह उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचा।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने बताया कि महंत रामानंद गिरी महाराज का क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक जीवन में विशेष योगदान रहा। उन्होंने प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर के नवनिर्मित भव्य मंदिर निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। उनके मार्गदर्शन और प्रयासों से मंदिर का विकास हुआ और धार्मिक गतिविधियों को नई दिशा मिली।
महंत जी के सरल स्वभाव, धार्मिक आचरण और सेवा भाव को श्रद्धालु हमेशा स्मरण रखेंगे। उनके निधन से न केवल लक्ष्मी नारायण मंदिर परिवार बल्कि पूरे बड़कोट क्षेत्र को अपूरणीय क्षति पहुंची है। नगरवासियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त अनुयायियों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

