सुनील थपलियाल उत्तरकाशी।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बड़कोट के पंचकर्म केंद्र में आम लोगों को विशेष उपचार सुविधाएँ मिल रही हैं। संपूर्ण आयुर्वेदिक पद्धति पर आधारित इन सेवाओं से मरीज तेजी से लाभान्वित हो रहे हैं। पंचकर्म विभाग में बेहतर व्यवस्थाएँ और आधुनिक तकनीक से लैस उपकरण उपलब्ध होने के कारण उपचार प्रक्रिया और अधिक प्रभावी साबित हो रही है।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनमोहन सिंह राणा ने बताया कि आयुर्वेद में रोगों को जड़ से खत्म करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि दवाओं के साथ पंचकर्म उपचार जोड़ने से मरीजों को दोगुना लाभ मिलता है और कई पुरानी बीमारियों में भी राहत मिलती है।
डॉ. राणा ने बताया कि बड़कोट पंचकर्म केंद्र में पुरुष में दयाराम जबकि महिला में बिंदु चौहान अनुभवी दोनों टेक्नीशियन तैनात हैं, जिससे मरीजों को सुविधा और सहजता मिलती है। अस्पताल अत्याधुनिक पंचकर्म मशीनों से लैस है, जिनकी मदद से शरीर की अनेक कमजोरियों और बीमारियों का गहन उपचार संभव हो पाया है।
उन्होंने बताया कि
पंचकर्म में प्रमुख विधियों से उपचार होता है जिसमें अभ्यंग (तेल मालिश) – शरीर को संतुलित करने तथा दर्द व तनाव दूर करने में सहायक।
स्वेदन (भाप चिकित्सा) – शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने और रक्तसंचार सुधारने में उपयोगी।
वमन – कफ संबंधी रोगों में विशेष लाभदायक।
विरेचन – शरीर से पित्त दोष निकालने की प्रमुख प्रक्रिया।
नस्य – सिर, नाक और साइनस संबंधी रोगों के लिए प्रभावी।
बस्ती – वात रोगों और पुरानी बीमारियों में अत्यंत कारगर आदि शामिल है।
महिला चिकित्साधिकारी डॉ स्वाति भंडारी का कहना है कि आने वाले समय में पंचकर्म सुविधाओं को और विस्तार दिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्राकृतिक और प्रभावी उपचार मिल सके।
टीम यमुनोत्री Express

