बड़़कोट/सुनील थपलियाल।क्षेत्र की ओजरी ग्रामसभा अंतर्गत सिलाई बैंड के पास निर्माणाधीन हाईप्रोफाइल रिजॉर्ट का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आपदा के लिहाज से संवेदनशील जनपद के सिलाई बैंड में कई सालों से भू धंसाव हो रहा है, नेशनल हाईवे हर साल भूधसाव की चपेट में है ऐसे में सब्सिडी के लिए रिजॉर्ट का निर्माण करना प्रशासन व शासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
इससे पहले सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, यमुना नदी तक बिना अनुमति के सड़क निर्माण और हरे पेड़ों का दोहन होना प्रकाश में आया तो विद्युत विभाग की मिलीभगत से बिना निविदा निकाले यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाली 11 केवी की लाइन को रिजॉर्ट क्षेत्र से अन्यत्र शिफ्ट किया जाना कार्यप्रणाली को दर्शा रहा है।
दरअसल उत्तरकाशी जनपद में बाहरी लोगों द्वारा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के चक्कर मे जमीन की खरीद- फरोख्त की जा रही है । जबकि जनपद के मूलनिवासी आज भी यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर अपनी पैतृक जमीन पर रोजगार के लिए कृषि भूमि को अकृषि भूमि बाबत 143 की अनुमति के लिए विभागों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जबकि सिलाई बैंड में मानकों को धत्ता बताते हुए आपदा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में हाईप्रोफाईल रिजॉर्ट का निर्माण होना सरकारी धन को ठिकाने लगाने की मंशा को दर्शा रहा है।
इधर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत का कहना है कि यमुनोत्री नेशनल हाईवे के सिलाई बैंड पर रोड़ कई सालों से भूधसाव की चपेट में है। हर साल तीन बैंड के क्षति को रिपेयर करवाया जाता है। भूगर्वीय सर्वे में भी उक्त स्थल लैंडस्लाइड जोन घोषित है। उन्होंने बताया कि उक्त स्थल सहित पाली से जानकीचट्टी तक ऑलवेदर के तहत टीएचडीसी से डी पी आर बनवाई जा रही है तथा ट्रीटमेंट कराए जाने का प्रस्ताव भी बनाया जा रहा है।
पेड़ो के अवैध पातन पर अपर यमुना वन प्रभाग के डी एफ ओ रविन्द्र पुंडीर का कहना है कि सिलाई बैंड मामले की जांच करवाई गई जिसमें उक्त स्थल रिजर्व फॉरेस्ट का क्षेत्र नहीं है और 5 हरे पेड़ काटे गए जो निजी व राजस्व भूमि में है और वन अधिनियम में नहीं आते हैं। इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाही की जा सकती है।
विद्युत लाइन शिफ्ट करने के मामले में सहायक अभियंता अजय सेमवाल ने बताया कि रिजॉर्ट मालिक द्वारा अस्थायी विद्युत कनेक्शन लिया हुआ है और 11 केवी लाइन शिफ्टिंग को लेकर मेरे संज्ञान में मामला नहीं है, आपदा में विद्युत पोल गिरे थे, उन्हें जहां जगह मिली वहां लगाया गया तथा शिफ्टिंग मामले की जांच करवाई जायेगी और नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

