नौगांव/अरविन्द थपलियाल।तहसील बड़कोट के थोलिंका गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिये मोहताज है और दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी की महत्वकांक्षी योजना जल जीवन मिशन मिशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं जिसमें ग्रामीणों ने की मांग उठाई है बताया कि विभाग ने जो श्रोत चयन किया उसमें गांव के लिये पर्याप्त पानी नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया विभाग सही श्रोत का चयन करे जिससे ग्रामीणों को पानी मिल सके।
मालूम हो कि जहां से ग्रामीणों के श्रोत का चयन है वह मुनोगी नामे तोक से है और ग्रामीण घोसगाडा़ तोक से श्रोत की मांग कर रहे हैं जिसमें विभाग के पास धन भी उपलब्ध है और विभाग ने मौके पर आकर इसकी तस्दीक भी की है ऐसा ग्रामीणों ने बताया और विभाग की तरफ से ग्रामीणों को लिखित में भी दिया गया लेकिन अभितक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला है और सही श्रोत के चयन की मांग उठाई है।
हमने मौके पर जाकर देखा कि संवधित विभाग और ठेकेदारों ने निम्न गुणवत्ता का कार्य किया है जो सवालों के घेरे में है।
अब थोलिंका गांव के ग्रामीणों ने विभाग से जल्द समाधान की मांग की है।
मौके पर पंहुचे ग्रामीण नैन सिहं राणा, विजेंद्र राणा,बलवीर राणा,चैन सिंह, अजयपाल रावत, सुरेंद्र सिंह रावत,प्रविन रावत,लोकेश रावत,प्रताप राणा,वीर सिंह राणा,विजय राणा,दिवान सिहं रावत ने बताया कि विभाग सरकारी धन का सही प्रयोग करे और जल जीवन मिशन योजना के तहत सही पेयजल श्रोत का चयन कर व्यवस्था उपलब्ध करवाये।
भरपूर मात्रा में धन होने के बाद भी जल जीवन मिशन योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है जो प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन प बड़ा सवाल है।

