उत्तरकाशी।
स्थानीय प्रशासन की चेताबनी के बाद भी गोडर और खाटल पट्टी के अधिकांश गाँव में बेधड़क अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही है, प्रशासन की सख्ती के बाद भी लोग बाज नहीं आ रहे हैं। दो सप्ताह में स्थानीय प्रशासaन ने गोडर और खाटल पट्टी में दूसरी बार कार्यवाही कर डण्डा छानियों वाले खेतों में उगाई जा रही अफीम की पौध नष्ठ की है।
शिकायत मिलने के बाद गुरुवार को उपजिलाधिकारी बड़कोट शालिनी नेगी ने वन विभाग, राजस्व पुलिस और रेगुलर पुलिस को मिलाकर संयुक्त रूप से छः टीमे गठित कर गोडर, खाटल और बनाल क्षेत्र में कार्यवाही के लिए भेजी। रैकी के दौरान खाटल पट्टी के देवल, चोपड़ा और कसलाना में बड़ी मात्रा में खेतों में अफीम की पौध मिली जिन्हें टीम द्वारा नष्ठ किया गया।
डेढ़ सप्ताह पहले भी स्थानीय प्रशाशन के निर्देश पर गोडर पट्टी के गाँव में टीम भेज कर अलग अलग जगहों पर करीब एक हेक्टेयर भूमि पर अवैध तरीके से की जा रही अफीम की खेती नष्ठ करवाई गई थी।
गुरुवार को दूसरी बार बड़ी मात्रा में अफीम नष्ठ करवाई गई। बताया जा रहा है कि जिन लोगों के खेतों में अफीम पाई गई उन्हें चिन्हित किया जा रहा है ताकि उनके खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही की जा सके।
जानकारी के अनुसार अफीम की पौध अब बड़ी हो रही हैं उसके बाद पोस्त के डोडों पर अफीम तस्कर चीरा लगा कर अफीम निकालते हैं इसीलिए समय रहते कार्यवाही कर पौधों को नष्ठ किया जाता है। अफीम तस्करों के द्वारा मिलने वाले छोटे लालच के चक्कर में स्थानीय लोग डोडों पर चीरा लगा कर अफीम निकालने का काम करते हैं।
टीम प्रभारियों में रेंजर प्रवीण चन्द रमोला, साधू लाल, कन्हैया बेलवाल,नायब तहसीलदार राम सिंह नेगी, राजस्व निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, वन दरोगा विजेंद्र सिंह शामिल थे।
उपजिलाधिकारी बड़कोट शालिनी नेगी ने बताया कि रैकी के दौरान खाटल पट्टी के चोपड़ा,कसलाना और देवल गाँव में सबसे ज्यादा अफीम की खेती होनी पाई गई है, पौधों को नष्ठ किया गया है। यह कार्यवाही क्षेत्र के लोगों की शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि आगे कार्यवाही जारी रखने के लिए जिलाधिकारी से अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स मांगी गई है।
टीम यमुनोत्री Express

