सुनील थपलियाल उत्तरकाशी।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बड़कोट में अतिरिक्त भवन सहित जीर्ण सिर्ण पड़े पुराने भवन के पुनर्निर्माण में घटिया निर्माण होने की शिकायत मिली है इतना ही नही निर्माणाधीन संस्था ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नही किये है जिससे 3 मजदूरों को गंभीर चोट पहुँची थी चोटिल मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद देहरादून रेफर कर दिया गया। इधर प्रशिक्षण संस्थान नेे कार्यदायी संस्था के खिलाप उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े किये है।
मालूम हो कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बड़कोट में पेयजल निर्माण निगम को मल्टी परपज हॉल, शौचालय, पार्किंग, रोड़ सहित 1985 के दौर में बनी बिल्डिंग के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी मिली है । लेकिन कार्यदायी संस्था के द्वारा बिल्डिंग पर लीपापोती कर महज खाना पूर्ति की जा रही है। सीमेंट की ईंट पर प्लास्तर किया जा रहा है साथ ही पुरानी दीवार पर सरिया के जाल के साथ बीम डाल कर पुरानी दीवार पर भारी बजन डाल दिया गया और खड़े बीम न होने से भविष्य में बड़ी अनहोनी का अंदेशा पैदा किये हुए है, कालेज प्रशासन के बार बार कहने के बाद भी निगम के अधिकारी सुनने को राजी नही है। सामाजिक चेतना की बुलन्द आवाज “जय हो”ग्रुप के स्वयंसेवियों ने जिलाधिकारी से आई टी आई में हो रहे नव निर्माण और जीर्णोद्धार के घटिया कार्यो की जांच की मांग की है। ग्रुप का कहा कि 1985 के दौरान बनी आई टी आई कि बिल्डिंग जीर्ण सिर्ण हो रखी है , छात्रों के लिए हॉस्टल भी खस्ता हाल में है।
सरकार द्वारा भारी भरकम धनराशि लगभग 8 करोड़ से अतरिक्त कक्ष के साथ जीर्णोद्धार के आ रखी है उसमें भी घटिया निर्माण के होने से आम जन मे आक्रोश व्याप्त है । उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से इसमे जांच की मांग की गई है।
आई टी आई के प्रधानाचार्य निरंजन कुमार खुकशाल ने बताया कि आई टी आई में यू के डब्ल्यू डी पी के तहत अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के साथ पुरानी बिल्डिंग के जीर्णोद्धार के लिए धनराशि की स्वीकृति के साथ उत्तराखंड पेयजल निगम को जिम्मेदारी मिली है। गुणवत्ता विहीन कार्यो सहित सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने को लेकर कार्यदायी संस्था सहित तकनीकी विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर जानकारी दे दी गयी थी। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पूर्ण कार्य करवाना संस्थान की जिम्मेदारी है। क्यों कि संस्थान में बच्चों ने प्रशिक्षण लेना है। विभाग इसमें रिस्क नही उठा सकता है । कार्यदायी संस्था को सुरक्षा के साथ गुणवत्ता का ध्यान रखना होगा।
उत्तराखंड पेयजल निगम के सहायक अभियंता एम एस पंवार ने बताया कि मजदूरों के चोटिल होने की जानकारी नही, रही बात घटिया निर्माण की उसकी स्वयं देखकर बताया जा सकेगा।
टीम यमुनोत्री Express

