बड़कोट ।
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद सरकार लॉक डाउन की हिम्मत नही जुटा पाई पर यमुनाघाटी के व्यापारियों ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में 11 मई से 15 मई तक सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करते हुए अपने व्यापार् के माध्यम से लॉक डाउन की घोषणा कर दी है । व्यापारियों के “जीवन बचने के इस पहल” के निर्णय की आम पब्लिक ने प्रशंसा की है ।
मालूम हो कि यमुनाघाटी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से आम पब्लिक भयभीत हो रखी है, शहरी कस्बों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना पॉजिटिव के मामले आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है ।
नगर पालिका बड़कोट, नगर पंचायत नौगाँव, पुरोला के अलावा बर्निगाड में अधिक पॉजिटिव केश आये है। कई गांव में दो से तीन मामले आ रहे है । जिसके बाद आखिरकार व्यापारियों ने अपने सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने का निर्णय लिए है , बन्द के दौरान मेडिकल स्टोर खुले रखने और दूध डेरी को 8 बजे से 10 बजे सुबह दो घण्टे खुले रखने का प्रस्ताव जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी बड़कोट व पुरोला को दिए है । प्रांतीय उधोग व्यापार् प्रतिनिधि मंडल यमुनाघाटी के जिला अध्यक्ष कबूल सिंह पंवार, जिला महामंत्री सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सभी नगर इकाईयों व कस्बे इकाईयों के प्रस्ताव पर आम सहमति के बाद 11 मई से 15 मई तक सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बन्द करने का निर्णय लिया गया है । इसमें मेडिकल स्टोर पूरे दिन व दूध डेरी को दो घण्टे सुबह खोंलने का निर्णय हुआ है । सभी व्यापारियों ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार से लॉक डाउन लगाने की मांग भी की है । पत्र में बाहरी जनपदों से आने वाले सभी वाहनों व माल वाहनों की गहनता से जांच कर जनपद में प्रवेश दिए जाने सहित डामटा चैक पोस्ट कोरोना जांच को कस्बे से पहले किये जाने का अनुरोध किया गया है । व्यापारियों ने कोरोना पॉजिटिव आने वाले व्यक्तियों पर निगरानी व बाजार में फालतू घूमने वालो पर कार्यवाही की प्रशासन से मांग की है ।
टीम यमुनोत्री Express

