देहरादून। वीबी-जी राम जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी योजना) में लागू नई शर्तों को लेकर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का गुस्सा अब राजधानी तक पहुंच गया है। सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने आज सचिवालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रधान संगठन का आरोप है कि नई योजना में डिजिटल हाजिरी और जीआईएस आधारित निगरानी को अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि पहाड़ी गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क तक नहीं है। फोटो अपलोड न होने से मजदूरों का भुगतान महीनों से अटका पड़ा है।
ग्राम प्रधानों ने कहा कि एक तरफ सरकार 125 दिन रोजगार और 300 रुपये न्यूनतम मजदूरी का दावा कर रही है, दूसरी तरफ धरातल पर काम करना मुश्किल हो गया है। ग्राम प्रधानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपा।
मांगों में 20 हजार रुपये मानदेय, मनरेगा की तर्ज पर ऑफलाइन हाजिरी का विकल्प, विधायक निधि की तर्ज पर प्रधान निधि, प्रधानों का बीमा और आपदा राहत के लिए अलग बजट की मांग प्रमुख है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर समाधान नहीं हुआ तो सभी 13 जिलों में ब्लॉक कार्यालयों पर तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

