बड़कोट।चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर गंभीरता दिखाई है। शनिवार को नोडल अधिकारी स्वास्थ्य ने यमुनोत्री यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर बड़कोट, खरादी, राना और जानकीचट्टी स्थित स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बढ़ती यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी डॉ डी सी आर्य स्क्रीनिंग प्वाइंट बड़कोट भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यात्रा मार्ग पर तैनात चिकित्सा व्यवस्थाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता और यात्रियों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
महानिदेशालय से लगाई गई विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी, फिर भी नहीं किया ज्वाइन
निरीक्षण में एक अहम कमी सामने आई। जानकारी के अनुसार महानिदेशालय स्तर से बड़कोट और जानकीचट्टी में फिजिशियन एवं ऑर्थोपेडिक चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन संबंधित चिकित्सकों द्वारा ड्यूटी ज्वाइन नहीं की गई। इसके अलावा बाहर से लगाए जाने वाले मेडिकल ऑफिसर एवं फार्मेसी ऑफिसर भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब यमुनोत्री धाम की यात्रा लगातार बढ़ रही है और यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
स्थानीय चिकित्सकों ने संभाली व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक मौजूद पाए गए। बड़कोट में डॉ. अंगद राणा, खरादी में डॉ. अनुष्का गुलेरिया, राना में डॉ. पवन कठेत तथा जानकीचट्टी में डॉ. अखिल राणा यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं देते हुए मौजूद रहे।
23 सितंबर को भी उठ चुका है डॉक्टरों की गैरहाजिरी का मुद्दा
गौरतलब है कि 23 सितंबर 2026 को यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय डोभाल ने स्वास्थ्य सचिव, उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजकर चारधाम यात्रा के तहत तैनात फिजिशियन एवं ऑर्थोपेडिक चिकित्सकों के ड्यूटी से नदारद रहने का मुद्दा उठाया था। पत्र में कहा गया था कि बड़कोट यमुनोत्री धाम का मुख्य पड़ाव होने के कारण यहां चिकित्सकों की मौजूदगी नितांत आवश्यक है।
अब निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों के ड्यूटी ज्वाइन न करने की जानकारी सामने आने से चारधाम यात्रा की स्वास्थ्य व्यवस्था और विभागीय मॉनिटरिंग को लेकर सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं।
नोडल अधिकारी ने यात्रा की बढ़ती भीड़ को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा यात्रियों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

