बड़कोट।यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर जगह-जगह दलदल की स्थिति पैदा होने से तीर्थयात्रियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से भंडेलिगाड़ से वन विभाग की ओर जाने वाले वैकल्पिक पैदल मार्ग की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।
यमुनोत्री धाम में तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए उन्हें वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया है। लेकिन इस मार्ग पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण कीचड़ और दलदल यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। कई पैदल यात्री दलदल में फंसते नजर आ रहे हैं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों का कहना है कि यमुनोत्री धाम के लिए बनाए गए वैकल्पिक पैदल मार्ग की लंबे समय से समुचित मरम्मत नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। बारिश और लगातार आवाजाही के कारण मार्ग के कई हिस्सों में कीचड़ बढ़ गया है। ऐसे में यात्रियों के फिसलने और चोटिल होने का खतरा भी बना हुआ है।
समाजसेवी महावीर पंवार, यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल, गिरीश उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल तथा तीर्थयात्री संजीव सिंह, दिनेश प्रकाश और विवेक आदि ने प्रशासन और सरकार से मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वैकल्पिक मार्ग के बदहाल हिस्सों को शीघ्र दुरुस्त करने के साथ ही दलदल वाले स्थानों पर आवश्यक व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित आवाजाही मिल सके।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर दलदल वाले हिस्सों में तत्काल मिट्टी, पत्थर एवं अन्य आवश्यक सामग्री डालकर मार्ग को सुगम बनाए, जिससे यात्रा व्यवस्था प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं को परेशानी से राहत मिल सके।

