बड़कोट/नौगांव (उत्तरकाशी)।विकासखंड नौगांव की ग्राम पंचायत ढुईक पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से बिजली संकट का सामना कर रही है। ग्राम पंचायत में 20 जुलाई 2026 से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के अधिकांश विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तथा ट्रांसफार्मर भी जलकर खराब हो गया है। इसके बावजूद बार-बार सूचना देने के बाद भी विद्युत विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को क्षतिग्रस्त विद्युत तारों की चपेट में आने से पांच मवेशी करंट से झुलस गए, जबकि एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना तत्काल अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड बड़कोट को दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह महज संयोग और सौभाग्य की बात रही कि क्षतिग्रस्त तारों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया। यदि कोई ग्रामीण इन तारों के संपर्क में आ जाता, तो एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। इस घटना ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्राम पंचायत ढुईक के प्रधान एवं प्रधान संगठन के अध्यक्ष 53 सिंह रावत ने बताया कि 27 जुलाई 2026 को उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा उप जिलाधिकारी बड़कोट को दूरभाष के माध्यम से दी। अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक गांव में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
लगातार बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्जिंग तथा दैनिक जीवन की अन्य आवश्यक गतिविधियों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बरसात के मौसम में खुले और क्षतिग्रस्त विद्युत तार गांववासियों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी एवं ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों से ग्राम पंचायत ढुईक में तत्काल नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने, क्षतिग्रस्त विद्युत तारों को बदलने तथा बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने की मांग की है। साथ ही, मृत गाय के स्वामी को उचित मुआवजा एवं अन्य प्रभावित पशुपालकों को भी आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

