बड़कोट उत्तराखंड/ सुनील थपलियाल। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन देश की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में शामिल पौलगांव–सिलक्यारा टनल का नाम बाबा बौखनाग महाराज के नाम पर रखे जाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बन गई है। उत्तराखंड सरकार की ओर से इस संबंध में पहल किए जाने के बाद सोमवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय बड़कोट में एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बाबा बौखनाग देवता समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, देवता समिति के पदाधिकारियों तथा ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सुरंग का नाम “बाबा बौखनाग महाराज सुरंग” रखने पर सहमति जताई। समिति और यमुनोत्री होटल एशोसिएशन की ओर से इस संबंध में एक औपचारिक सहमति पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।
बैठक में समिति ने मांग उठाई कि सिलक्यारा के साथ पौलगांव बड़कोट की ओर से भी बाबा बौखनाग महाराज के भव्य मंदिरों का निर्माण कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन एवं पूजा-अर्चना की बेहतर व्यवस्था मिल सके। साथ ही बाबा बौखनाग की आस्था से जुड़े बौख टिब्बे को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई। समिति ने उम्मीद जताई कि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई देगी।
उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी ने समिति की ओर से दिए गए सहमति पत्र एवं मांगपत्र को शासन तक भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में समिति अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह रावत, देवमाली संजय डिमरी, होटल एशोसिएशन अध्यक्ष सोबन सिंह राणा,समिति सचिव गोपाल सिंह बिष्ट, यशवंत सिंह ,शांति बेलवाल,ग्राम प्रधान नन्द गाँव श्रीमती उर्मिला विष्ट,शांति बेलवाल, हरिमोहन सिंह ,सौरभ रावत ,सुरेंद्र डिमरी ,जयवीर सिंह, सोबत सिंह, कुलदीप राणा ,विनोद सिंह रावत ,रमेश चंद डोभाल ,चंद्र मोहन डोभाल, मनमोहन डिमरी, विजय सिंह रावत ,नत्थी सिंह नेगी, राजेश नेगी ,बाल गोविंद डोभाल
सहित बाबा बौखनाग देवता समिति के पदाधिकारी, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति दर्ज कराई।

