बड़कोट/ उत्तरकाशी।
यमुनाघाटी के खरादी सहित गगटाड़ी और नौगांव क्षेत्र के फल पट्टी सेवरी, कफनौल,देवराणा घाटी सहित सहित समुचे मुंगरसंन्ति,गोडर, खाटल में हुई अचानक भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा से विशेष रूप से सेब,सब्जी, गेहूं, मटर और बागवानी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, मौसम ने अचानक करवट ली और कुछ ही मिनटों में ओलावृष्टि ने विकराल रूप धारण कर लिया। खेतों में तैयार फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई किसानों का कहना है कि इस बार उनकी पूरी आजीविका इसी फसल पर निर्भर थी, जो अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
ग्रामीणों ने बताया कि ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पेड़ों पर लगे फल भी झड़ गए और खेतों में बिछी फसलें चकनाचूर हो गईं। इससे क्षेत्र में मायूसी का माहौल है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला, तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।
इधर, प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर नुकसान का आंकलन करने और शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी आपदाओं से राहत के लिए स्थायी समाधान और फसल बीमा योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी अपील की गई है।

