बड़कोट।नगर पालिका बड़कोट क्षेत्र में वर्षों तक चले भीषण जल संकट के बाद भले ही डेढ़ वर्ष पूर्व नलकूप योजना के निर्माण से पेयजल आपूर्ति सुचारू हुई थी, लेकिन वर्तमान में जगह-जगह क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के कारण अनेक परिवारों को फिर से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पुराने पाइपलाइन नेटवर्क में लगातार हो रही लीकेज से आमजन की परेशानियां बढ़ गई हैं।
सामाजिक चेतना की बुलन्द आवाज जय हो ग्रुप ने उत्तराखंड जल संस्थान विभाग से नगर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है। ग्रुप संयोजक सुनील थपलियाल ,रणवीर रावत, मोहित अग्रवाल, प्रदीप जैन, अंकित, अजय रावत, महिताब, दीनानाथ,मस्तु, प्रवेश आदि का कहना है कि लाइनों में लीकेज के चलते जहां एक ओर पानी की भारी बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर कई वार्डों में पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद बड़कोट में लगभग 35 वर्ष पूर्व बिछाई गई पेयजल लाइनें अब पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं। जंग लगने और पाइपों के क्षरण के कारण अनेक स्थानों पर लीकेज की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके साथ ही नलकूप योजना से आ रहे पानी का अत्यधिक दबाव भी लाइनों के क्षतिग्रस्त होने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
स्थिति यह है कि वार्डों के अलावा एनएच-507 मार्ग पर भी पेयजल लाइनें जगह-जगह से लीकेज होती नजर आ रही हैं, जिससे सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
इस संबंध में उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता देवराज तोमर ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल लाइनें काफी पुरानी हैं, जो कई स्थानों पर जंग खाकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि लीकेज वाली लाइनों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है तथा भविष्य में नई पेयजल लाइन बिछाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

