बड़कोट।सात दिवसीय रवांई शरदोत्सव संस्कृति एवं पर्यटन विकास मेला अपने तीसरे दिन भी उल्लास और उमंग से सराबोर रहा। मंच पर स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं ने पूरे दिन मेले का माहौल जीवंत बनाए रखा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने लोकगीत, लोकनृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
दूर-दराज गाँवों से आए ग्रामीणों ने मेले में लगी दुकानों पर जमकर खरीददारी की। स्थानीय उत्पादों, खानपान स्टॉलों और हस्तशिल्प के सामानों ने लोगों का विशेष आकर्षण बना रहा। मेले में बच्चों, युवाओं और महिलाओं की उल्लेखनीय भीड़ देखने को मिली।
नगर पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल ने कहा कि रवांई शरदोत्सव मेला पौराणिक परंपराओं व रवांई की समृद्ध लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है और क्षेत्रीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है।
मेला समिति ने बताया आगे कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
इस मौके पर मुकेश टम्टा, ध्यान सिंह रावत, अधिशासी अधिकारी जयनन्द सेमवाल, कुलदीप सिंह, अर्जुन सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

