Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
उत्तरकाशी बड़ी खबर राज्य उत्तराखंड

भारत-चीन सीमा पर जादूंग और नेलांग गांव में भोटिया और जाड़ समुदाय के लोग, अपने देवी-देवताओं को खुश करने के लिए पूजा के दौरान वेशभूषा में करते हैं नृत्य,देखे वीडियो में…..

उत्त्तरकाशी सुनील थपलियाल

भारत चीन युद्ध के बाद विस्थापित हुए 3 गाँव के ग्रामीण आज भी हर साल अपने देवी देवताओ की पूजा के साथ अपनी संस्कृति की झलक बॉर्डर बिखेरते है।

भारत-चीन सीमा पर स्थित जादूंग और नेलांग गांव में भोटिया और जाड़ समुदाय के लोग अपनी देवी-देवताओं की डोली लेकर हर साल चीन सीमा बॉर्डर पर पहुचते है । जहां महिलाओं और पुरुषों ने पांडव चौक के साथ ही रिंगाली देवी चौक में रांसो-तांदी नृत्य प्रस्तुत कर आराध्य देव को प्रसन्न कर बॉर्डर पर अपनी पौराणिक संस्कृति के कई रंग बिखेरते है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने लाल देवता, चैन देवता और रिंगाली देवी की विधि विधान से पूजा अर्चना करते है । सीमा पर तैनात आइटीबीपी के जवान भी इस पूजा अर्चना में शामिल हुए।

भारत चीन युद्ध के दौरान 1962 में जादूंग, नेलांग और कारछा गांव से रह रहे भोटिया और जाड़ समुदाय के ग्रामीणों को हटाया गया था। तब ये ग्रामीण बगोरी, डुंडा और हर्षिल आ गए थे। लेकिन इनके स्थानीय देवता आज भी वहीं हैं। प्रति वर्ष ये ग्रामीण अपने देवताओं की पूजा के लिए जाते हैं। जहां ग्रामीण पहले नेलांग में रिंगाली देवी की पूजा, अर्चना करते है । करीब एक घंटे तक रिंगाली देवी चौक में रांसो तांदी नृत्य का आयोजन में ग्रामीण अपने देवताओ को पौराणिक वेशभूषा में खुश करने की कोशिश करते है।
जिसके बाद जादूंग में लाल देवता और चैन देवता की विधि विधान से पूजा अर्चना करते है। पूजा अर्चना के बाद महिला व पुरुषों ने देवता की डोली के साथ रांसो-तांदी नृत्य किया। इस अवसर पर स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक वेश-भूषा में पौराणिक गीत भी गाए।

टीम यमुनोत्री Express

Related posts

उत्तरकाशी :चिन्यालीसौड़ नगर पालिका द्वारा स्थानीय बोली -भाषा में स्वछता के प्रति किया जा रहा है लोगों को जागरूक

Jp Bahuguna

उत्तरकाशी:युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के तत्वाधान में चलाया गया वृहद स्वच्छता अभियान

admin

वनाग्नि घटनाओं पर रोकथाम करने के लिये जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन जारी किए बीस लाख… पढ़ें।

Arvind Thapliyal

You cannot copy content of this page