नौगांव।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अपने सघन निरीक्षण अभियान के तीसरे दिन जिले की यमुना घाटी क्षेत्र में संचालित विभिन्न जन उपयोगी और विकासपरक योजनाओं का जायजा लिया। शनिवार को निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पुरोला में डंपिंग जोन में कूड़ा निस्तारण की समस्या को लेकर एवं रिवर प्रोटेक्शन वर्क हेतु संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। नगर पालिका पुरोला के वार्ड संख्या 04 में छाड़ाखड़ में नाले के चैनेलाइजेशन और पार्किंग बनाए जाने हेतु स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर पालिकाध्यक्ष पुरोला बिहारी लाल शाह उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जल जीवन मिशन के तहत नौगांव ब्लॉक में निर्माणाधीन देवराणा पंपिंग पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर इस योजना के निर्माण की प्रगति जानी। रू.15.36 करोड़ की लागत की इस योजना से सात हजार आठ सौ से अधिक आबादी को लाभन्वित किया जाना है। यमुना तट पर निर्माणाधीन पंपिंग स्टेशन , इंटेक वेल , वाटर ट्रीटमेंट प्लांट आदि कार्यों का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि यह योजना दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है जिसका अभी तक 65 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने काम की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और जल निगम के अधिकारियों को आगाह किया कि क्षेत्र के 12 गांवों के लिए बनाई जा रही इस योजना का निर्माण जल्द से जल्द हो।
जल जीवन मिशन की दूसरी योजना कांडी का भी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। कार्यदायी संस्था जल संस्थान पुरोला द्वारा बनाई गई इस योजना की लागत रू. 5.28 करोड़ है जिससे 2500 लोगों को जलापूर्ति की जाएगी। अवगत कराया कि इस योजना का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है शेष थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के लिए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द इंस्पेक्शन कराकर इस पंपिंग योजना को संचालित किया जाए।
जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन की कंडारी पंपिंग योजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया। रू. 26.24 करोड़ की लागत से निर्माणधीन इस योजना से 22 गांव की लगभग 10825 की आबादी लाभान्वित होगी। इस योजना का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है शेष को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना का कार्य जल्द पूर्ण कर लोगो को जल्द इसका लाभ उपलब्ध हो कराए।
रा. इ. का. डामटा के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्कूल भवन सहित संचालित कक्षाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति, स्वच्छता, पेयजल, कक्षा संचालन की स्थिति का भी जायजा लिया गया। इस दौरान एनएसएस कैंप का भी निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षकों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को समय पर गृहकार्य पूरा करने, स्वच्छता का ध्यान रखने, विद्यालय परिसर को साफ रखने और अनुशासन में रहने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बच्चों को मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचने, खेलकूद एवं योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने तथा मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
डामटा पुलिस चौकी हेतु जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पुलिस, एनएच और निर्माण एजेंसी को संयुक्त रूप से टीम बनाकर आपसी समन्वय स्थापित कर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में तहसीलदार रेनू सैनी, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम मधुकांत कोटियाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विनोद पांडेय, अधिशासी अभियंता लोनिवि तरुण कंबोज, प्रभारी थानाध्यक्ष दीपक कठैथ अन्य उपस्थित रहे।

