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दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की मिसाल: स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय बड़कोट द्वारा तीन दिवसीय ग्रामीण चिकित्सा शिविर आयोजित… पढ़ें खबर।

बड़कोट।स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय बड़कोट की ओर से विकासखंड मोरी के दुर्गम क्षेत्र फतेपर्वत पट्टी के आठ गांवों में 20 दिसम्बर 2025 से 22 दिसम्बर 2025 तक तीन दिवसीय ग्रामीण चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य दूरस्थ व दुर्गम गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को उनके गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
तीन दिवसीय इस चिकित्सा शिविर के दौरान कुल 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।शिविर ग्राम भीतरी, खन्यासनी, पूजेली, दोणी, सट्टा
मसरी, ग्वालगांव, खन्ना
,भीतरी, खन्यासनी, पूजेली, ग्राम पंचायत भीतरी, खन्यासनी एवं पूजेली में आयोजित हुआ। गंभीर रोगों से पीड़ित 16 मरीजों को स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय बड़कोट रेफर किया गया।
शिविर में बड़कोट अस्पताल से डॉ. मुकेश उनियाल (जनरल फिजिशियन), डॉ. रविन्द्र पंवार (डेंटिस्ट), जयपिन रावत (नर्सिंग स्टाफ) एवं सरदार सिंह (प्रबंधक) ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
शिविर के आयोजन में श्री अनुपराज कुँवर (वर्तमान जिला पंचायत सदस्य, दोणी–नैटवाड़) का विशेष सहयोग रहा। इसके साथ ही प्रमोद चौहान, गजेंद्र नेगी, विपेंद्र रावत, कुलदीप सहित अनेक स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने बताया कि इन गांवों से निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की दूरी लगभग 39 किलोमीटर, जबकि जिला अस्पताल की दूरी करीब 190 किलोमीटर है। बड़कोट चिकित्सालय से शिविर स्थल की दूरी लगभग 110 किलोमीटर (एक तरफ) रही, वहीं कुछ स्थानों पर 500 मीटर पैदल मार्ग भी तय करना पड़ा।
यह चिकित्सा शिविर दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

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