बड़कोट।
केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ी में एक संविदा कर्मचारी को हटाए जाने का मामला सामने आने से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार विद्यालय में पिछले 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मी बादरिया लाल को विद्यालय प्रशासन ने अचानक सेवा से मुक्त कर दिया।
प्रधानाचार्य द्वारा जारी आदेश में बजट की कमी का हवाला देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त की गईं। अचानक लिए गए इस निर्णय से बादरिया लाल आर्थिक संकट में घिर गए हैं। बताया जा रहा है कि केवल दो वर्ष बाद उनकी सेवा से सेवानिवृत्ति होनी थी, ऐसे में बीच में नौकरी छिन जाना उनके लिए बड़ा झटका है।
पीड़ित बादरिया लाल ने मामले को लेकर उपजिलाधिकारी बड़कोट, जिलाधिकारी उत्तरकाशी एवं मुख्यमंत्री कार्यालय देहरादून से सेवा बहाली की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें पद से हटा दिया, जिससे उनके परिवार की आजीविका पर संकट आ गया है।
स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने की मांग की है और प्रशासन से न्याय दिलाने की अपील की है। इधर प्रधानाचार्य शर्मा ने बताया कि बहादरिया लाल विगत कई वर्षों से यहां सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत है ,बजट न आने से उन्हें हटाया गया है। उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी का कहना है कि उक्त प्रकरण संज्ञान में आया है इसके लिए प्रधानाचार्य को बजट की स्वीकृति दिलवाने तथा उक्त कर्मी को वापस रखने को कहा है।

