सुनील थपलियाल (उत्तरकाशी)।
यमुनोत्री Express पर प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ है। उत्तरकाशी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों पर नेम व नंबर प्लेट लगाने का ठेका बिहार निवासी व्यक्ति को दिए जाने के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी श्री के सी बहुगुणा ने तत्काल प्रभाव से उक्त आदेश निरस्त कर दिया है। साथ ही जिलाधिकारी उत्तरकाशी ने उक्त प्रकरण पर जिला पंचायत राज अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जबाब मांगा है।
जारी पत्र के अनुसार उपेंद्र कुमार, फजलगंज, सासाराम, जिला रोहतास (बिहार) को यह कार्य सौंपा गया था। लेकिन ठेका प्रक्रिया पर सवाल उठने और स्थानीय विरोध के बाद आदेश रद्द कर दिया गया है।
दिलचस्प यह है कि इसी पते से निपेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति को टिहरी जिले में भी नेम प्लेट लगाने का ठेका मिला था। दोनों के पते समान होने से पूरी प्रक्रिया पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्राम पंचायतों में लगाए जाने वाले एल्युमिनियम नंबर प्लेटों पर “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” और “स्वच्छ भारत मिशन” जैसे नारे अंकित किए जाने थे। मगर अब ठेका रद्द होने के बाद यह प्रक्रिया पुनः समीक्षा के अधीन रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय संगठनों और जय हो ग्रुप ने मांग की थी कि ऐसे कार्यों का अवसर उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिला अधिकारी प्रशान्त कुमार आर्य की तत्परता से न केवल आदेश निरस्त हुआ बल्कि पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।
टीम यमुनोत्री Express

