उत्तरकाशी/अरविन्द थपलियाल। प्रदेश संयोजक संयुक्त किसान मंच उत्तराखंड आजाद डिमरी की अगुवाई में एक शिष्टमंडल उद्यान व कृषि मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर काश्तकारों को रवी फसल 2024- 25 के लिए बीमा पोर्टल की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने एवं वर्ष 2023 – 24 रवी फसल के दावा भुक्तान शीघ्र कराए जाने के संबंध म उचित कार्यवाही को लेकर प्रार्थना पत्र सादर प्रेषित किया जिसमें मंत्री जोशी ने तत्काल अधिकारियों ने बात कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये।
देखें क्या लिखा आजाद डिमरी ने।
सेवा में
श्रीमान गणेश जोशी जी
माननीय मंत्री,कृषि एवं उद्यान विभाग
उत्तराखंड सरकार, देहरादून
विषय – रवी फसल 2024- 25 के लिए बीमा पोर्टल की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने एवं वर्ष 2023 – 24 रवी फसल के दावा भुक्तान शीघ्र कराए जाने के संबंध म उचित कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र सादर प्रेषित
महोदय
आप से निवेदन है कि वर्ष 2024- 25 रवी फसल के लिए बीमा पोर्टल की अंतिम तिथि 31दिसंबर 2024 है इस वर्ष अऋणी किसान अधिकतर अपना बीमा नहीं करवा पा रहे हैं क्योंकि इस समय फसल बीमा के लिए कुछ नए नियम संबंधित बीमा कंपनी द्वारा लागू किया गया है जिस वजह से किसान समय से बीमा नहीं करवा पा रहा हैं
इस वर्ष बीमा करवाते समय फोन पर ओ.टी.पी आ रही हैं जिससे कई किसान ओ.टी.पी की जानकारी ना होते हुए CSC सेंटर को सही समय पर नहीं बता पा रहे हैं जिस कारण फसल बीमा करवाने में देरी हो रही हैं।
साथ ही इस वर्ष संबंधित कंपनी हिंसा प्रमाण पत्र मांग रही हैं जिससे किसानों को तहसील एवं जिला स्तर पर जाना पड़ रहा है,जिस कारण दी गई समय अवधि तक बीमा नहीं हो पा रहा है।
अतः महोदय से निवेदन हैं उक्त विषय को मध्य नजर रखते हुए वर्ष 2023- 24 फसल रवी की दावा भुक्तान संबंधित कंपनी से शीघ्र करवाया जाए एवं प्रदेश के दुरस्त जनपदों के किसानों की समस्या को मध्य नजर रखते हुए बीमा पोर्टल की तिथि 31 दिसंबर 2024 से आगे बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक किसान प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना फसल रवी 2024- 25 का पंजीकरण कर सके
प्रतिलिपि
माह निदेशक कृषि एवं उद्यान विभाग
जिला उद्यान अधिकारी उत्तरकाशी
SBI जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड कंपनी देहरादून,
आजाद डिमरी
प्रदेश संयोजक
संयुक्त किसान मंच उत्तराखंड
इस उक्त ज्ञापन मान्य कृषि मंत्री को प्रतिनिधि मंडल के साथ दिया गया जिस पर मंत्री जी ने शीघ्र कार्यवाही कर आज सचिव कृषि एवं बागवानी को बैठक को बुलाया है जिस पर उचित कार्यवाही हो सके।
अब देखना यह होगा कि आखिर अधिकारी मंत्री गणेश जोशी के निर्देश का पालन करतें हैं या नहीं यह देखना जरूर होगा या बीमा कंपनी को कास्तकारों के रोष का सामना करना पडे़गा।

