बड़कोट (उत्तरकाशी)। रवांई घाटी में पर्यावरण संरक्षण और हिमालय की प्राकृतिक धरोहर को बचाने के उद्देश्य से रुद्रा ऑर्गनाइजेशन रवांई वैली से जुड़े 17 युवाओं ने स्वच्छता अभियान चलाया। युवाओं ने खरादी और कुथनौर के बीच यमुना नदी सहित आसपास के क्षेत्रों में सफाई कर लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संगठन ने ‘सेव हिमालय’ का संकल्प लेते हुए नदी, गाड़-गदेरों और प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ रखने की अपील की।
अभियान के दौरान युवाओं ने यमुना के आसपास स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हिमालय की सुंदरता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। रवांई घाटी की पहचान यहां के हरे-भरे जंगलों, निर्मल जलस्रोतों और पहाड़ी प्राकृतिक विरासत से है। ऐसे में नदियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलने से रोकना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
संगठन से जुड़े युवाओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को भी कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने तथा नदी-नालों में प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट न फेंकने के लिए जागरूक होना चाहिए।
युवाओं ने चारधाम यात्रा मार्गों पर स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर पर्याप्त कूड़ेदान लगाए जाएं तथा नियमित रूप से कचरा उठाने वाले वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यावरण पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।
अभियान में आयुष पंवार, आदित्य भंडारी, अरविंद रावत, आरव बिष्ट, केशव चौहान, आदर्श रावत, आशीष रावत, तुषार पाल, संजय टम्टा, वंदना, दीक्षा, आशना, प्रियांशी, गोलू जयराड़ा, आकाश चौहान, खनिया राणा और दिव्यांशु रावत शामिल रहे। युवाओं ने हिमालय की स्वच्छता और संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।

