
जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट/उत्तरकाशी
सरकारी स्तर पर चारधाम यात्रा प्रारम्भ होने से पहले सभी ब्यवस्थायें चाक चौबंद करने के कितने ही दावे किये जाते रहें हो लेकिन धरातल पर ढाक के वही तीन पात साबित होते हैं ! धरासू से यमुनोत्री आने-जाने वाले मुख्य मार्ग की दुर्दशा को देख कर अनायास ही लोग कह सकते हैं कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क। मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो जाते है।तीर्थयात्रीयों व स्थानीय लोगौ के वाहन हिचकौले लेते नजर आते है। ऐसा नहीं है कि जिम्मेदार लोग समस्या को जानते नहीं हैं। इनका अक्सर इस मार्ग से निकलना होता है, लेकिन अधिकारी व प्रतिनिधि देख कर अनदेखा कर देते हैं और खामियाजा देश विदेश के आम श्रद्धालु व स्थानीय राहगीरों को भुगतना पड़ता है।

सरकार ने चार धाम के विकास के लिए सड़कों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिये हुए है।लेकिन धरासू यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़कोट से राड़ी जाते जाते राहगीरों की कमर में दर्द होने लगता है। वाहन का नुकसान अलग, पौलगाव से सिलक्यारा सुरंग तक मोटर रोड़ की देखरेख की जिम्मेदारी केंद्रीय ऐजंसी एन एच आई डी सी एल ने ले रखी है। लेकिन उनका ध्यान इस रोड़ पर नही है। जो धीरे धीरे जन आक्रोश का कारण बनता जा रहा है। सामाजिक चेतना की बुलंद आवाज ”जय हो ” ग्रुप ने कई बार उप जिलाअधिकारी और जिला अधिकारी को रोड की बदहाली को लेकर पत्र दिए लेकिन रोड पर गड्ढे कम नहीं हुए ।
ग्रुप के संयोजक सुनील थपलियाल ने बताया कि वर्षा होने पर गड्ढों में पानी भर जाता है और गहराई पता न होने के चलते दो पहिया वाहन चालक अक्सर गिर जाते हैं। जबकि बड़े वाहन गड्ढों में फंस कर खराब हो जाते हैं और जाम लगने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।सरंक्षक रणवीर रावत,कोषाध्यक्ष मोहित अग्रवाल ,सरपंच अजय रावत,आशीष पंवार,जय सिंह, रविन्द्र सिंह आदि का कहना कि एनएच रोड़ के बुरे हाल है ,राड़ी के साथ रानाचट्टी और हनुमानचट्टी के बीच भी रोड़ गड्ढे में तब्दील हो गयी है। उन्होंने कहा कि जल्द अगर सड़क के गड्ढे नहीं भरे गए तो ग्रुप आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएगा।
इधर जिलाधिकारी भी एनएच आईडी सी एल की कार्यप्रणाली से नाराज है उन्होंने उच्च अधिकारी को पत्र एवं मौखिक वार्ता कर जल्द गड्डे भरवाये जाने के निर्देश दिए है।धरासू -यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग चारधाम यात्रा का मुख्यमार्ग है लेकिन संबंधित कार्यदाई संस्था इस मोटर मार्ग पर कोई बड़ी दुर्घटना होने के इंतजार में लगता है!

