बड़कोट ।विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पवित्र यमुना नदी के तट पर सफाई अभियान के दौरान एकत्र किया गया कूड़ा आज भी बड़े-बड़े कट्टों में पड़ा सड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक कूड़े का निस्तारण नहीं कर पाए हैं।
हाल ही में जिलाधिकारी ने यमुनोत्री धाम का निरीक्षण कर जिला पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल सहित संबंधित विभागों को तत्काल कूड़ा हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नदी किनारे पड़े कूड़े के ढेर प्रशासनिक आदेशों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
यमुना तट पर पड़े कूड़े के कट्टे न केवल धाम की सुंदरता को धूमिल कर रहे हैं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। स्नान, पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को दुर्गंध और गंदगी के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पहले एकत्र किया गया यह कूड़ा अब तक नहीं हटाया गया। बारिश के कारण इसके नदी में बहने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने इसे यमुना नदी की पवित्रता और स्वच्छता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, पंच पड़ाव समिति के सचिव गिरीश उनियाल, आशुतोष उनियाल, महावीर पंवार सहित कई स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं, बल्कि जिम्मेदार विभागों से उसका पालन भी सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि यमुनोत्री धाम से कूड़े का तत्काल वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि चारधाम यात्रा के दौरान स्वच्छ और पवित्र वातावरण बना रहे।

