Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
उत्तरकाशी बड़ी खबर राज्य उत्तराखंड

माँ यमुना के मायके की रोड़ हुई क्षतिग्रस्त, दो विभागों में पेंच फसा, श्रद्धालु व ग्रामीण पैदल चलने को मजबूर,पढ़े पूरी खबर……

बड़कोट
यमुना माँ के मायके खरशाली को जोड़ने वाला जानकीचट्टी खरशाली मोटर मार्ग खस्ताहाल स्तिथि में आ गया है। दो विभागों के आपसी खींचतान से क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग पर आवाजाही दूबर हो रखी है।
मालूम हो कि यमुना माँ के मायके खरशाली को जोड़ने वाला मोटर मार्ग खस्ताहाल में है, लोनिवि द्वारा निर्मित रोड़ को यमुनोत्री प्रसादम योजना के तहत ब्रीडकुल विभाग को स्थान्तरित हो गया था लेकिन ब्रीडकुल विभाग पर्यटन विभाग की मंजूरी की इंतजारी में है। लगातार हो रही बारिश से जानकीचट्टी खरशाली मोटर मार्ग जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। खरशाली के तीर्थ पुरोहित प्यारेलाल उनियाल, भागवत , गिरीश ,महावीर ,रामलाल, महादेव प्रसाद, पवन उनियाल, रमेश उनियाल, प्रधान यशपाल सिंह, पंकज पंवार, महिदेव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मोटर रोड़ को आवाजाही के लिए सही करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गांव में आने के लिए श्रद्धालु सहित ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है, निर्माणाधीन भवनों के सामाग्री के ट्रक भी रुके पड़े है। उक्त रोड़ को लोनिवि के माध्यम से सही करवाया जाए। ब्रीडकुल विभाग महज खानापूर्ति करता दिख रहा है। ब्रीडकुल के अवर अभियंता राहुल ने बताया कि खरशाली मोटर मार्ग को लेकर पर्यटन विभाग से दिशानिर्देश मिलने है।उसके बाद ही उक्त रोड़ को लेकर कुछ कहा जायेगा ,वैसे बड़कोट कार्यालय को अवगत करवाया जा रहा है।
उपजिलाधिकारी शालनी नेगी ने बताया कि जानकीचट्टी खरशाली मोटर मार्ग को सही करने के लिए सम्बंधित विभाग को कहा गया है ।

टीम यमुनोत्री Express

Related posts

एनसीपीसीआर सदस्य डॉ. आनंद ने CHC बड़कोट का किया निरीक्षण,स्टॉप की कमी को दूर करने का दिया भरोशा, पढ़े पूरी खबर….

admin

*मुख्यमंत्री ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास के छात्रों संग मनाया प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का 73वां जन्मदिन*-पढ़े पुरी खबर…..

Team Yamunotri Express

उत्तराखंड निजी विद्यालय संघ की बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा,पढ़े पूरी खबर क्या रहा विशेष…..

Arvind Thapliyal

You cannot copy content of this page