Home देश विदेश तीर्थयात्रियों के साथ मजदूर कर रहे अभद्र व्यवहार , प्रशासन मौन

तीर्थयात्रियों के साथ मजदूर कर रहे अभद्र व्यवहार , प्रशासन मौन

1 second read
0
0
143

बड़कोट। यमुनोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्री के साथ जानकीचट्टी बस स्टेशन पर भारी अभद्रता हो रही है। वाहन के पहुंचते ही मजदूर चारों ओर से वाहन को घेर लेते है और तीर्थयात्री को घोड़ा खच्चर ,डण्डी कण्डी के लिए जबरन लेने को कहते हुए दूरव्यहार कर रहे है। पुलिस, प्रशासन और जिला पंचायत की अनदेखी का खामियाजा देश विदेश के आम श्रद्वालुओं को उठाना पड़ रहा है।


मालुम हो कि यमुनोत्री धाम दर्शन के लिए हर रोज सैकड़ों की संख्या में श्रद्वालुओं के  आने का सिलसिला शुरू हो गया है। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्वालुओं के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना भविष्य के लिए यात्रियों की गिनती में इजाफा होना माना जाता है। परन्तु जानकीचट्टी में तीर्थयात्रियों के वाहन के आते ही गिद्व की तरह मजदूर तीर्थयात्रियों को घेर लेते है। इतना ही नही कई बार तो महिला श्रद्वालुओं के साथ अभद्रता तक हो जा रही है। और ये हालात सुबह के समय ज्यादा देखा जाता है। जब बस , टैम्पो ट्रंेव्लस या छोटे वाहन के पहुचंते ही घोड़ा , कण्डी डण्डी के मजदूर मेरा घोड़ा ले लो , मेरी कण्डी ले लो की आवाजे गंुज उठती है। श्री  तिरूपति टूर्स एण्ड ट्रैबल्स भोपाल के संचालक रमा आर पी मिश्रा कहते है कि सितम्बर माह से यमुनोत्री धाम के लिए श्रद्वालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। काफी संख्या में श्रद्वालु मां यमुना के दर्शन को आ रहे है परन्तु जानकीचट्टी में श्रद्वालुओं के साथ बड़ी अभद्रता हो रही हैै। बसों के आते ही मजदूर चारों ओर से गिद्व की तरह घेर लेते है। और बस से बाहर निकलना श्रद्वालु का भारी पड़ जाता है। सुरक्षा के कोई इन्तजाम नही है। दो चार पुलिस सिपाही आते भी लेकिन मजदूरों की संख्या अधिक होने पर वेा भी कुछ नही कर पा रहे है। उन्होने बताया कि हमारे श्रद्वालुओं के साथ भारी दुरूव्यवाहर हुआ है। जानकीचट्टी से घोड़े 800 रू. में तय कर ले गये और वापसी में जानकीचट्टी छोड़ते समय 1200 रू मांग करने लगे और जबरन मांग कर ले भी गये  । डण्डी में 3500 तय किया और वापसी छोड़ने पर 4000 रू. ले गये । उन्होने कहा जिला पंचायत , प्रशासन और पुलिस का मुक दर्शक बना रहना सही नही है। मुम्बई से आये नितिन भाई पटेल कहते है कि माॅ यमुनोत्री का धाम बड़ा सुन्दर है और यहां पर एक बार नही बार बार आने का मन करता है। लेकिन मजदूरों का व्यवहार इतना खराब है कि दुबारा यहा आने के लिए कई बार सोचना पड़ेगा। मजदूरों ने हमारे बस को घेर लिया और आधे घण्टे तक बस से बाहर नही आने दिया , आपस में लड़ते हुए एक दूसरे को गाली गलोच करते रहे। हमारी बस में महिलाये भी थी उनके साथ भी अभद्रता की गयी । उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य ने कहा कि तीर्थ यात्रियों के साथ अभद्रता की जानकारी नही है  पुलिस विभाग को व्यवस्था बनाये रखने के लिए कहा गया है साथ ही उन्होने कहा कि जिला पंचायत की नैतिक जिम्मेदारी तीर्थयात्रियों को घोड़ा ,डण्डी कण्डी की व्यवस्था करने की है। अगर किसी तीर्थयात्री के साथ दूरव्यवहार की शिकातय आती है तो मजदूरों के अलावा जिला पंचातय के कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया जायेगा।
फोटो- जानकीचट्टी में बस को घेरते मजदूरों का जमवाड़ा ।

सुनील थपलियाल

वरिष्ट पत्रकार
उत्तरकाशी  उत्तराखंड
96 Views
Load More Related Articles
Load More By Smartwork
Load More In देश विदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

किसके भरोसे रुकें पहाड़ में, जीवन ही सुरक्षित नहीं है! सिस्टम को शायद ही शर्म आए, पहाड़ी तो भगवान के ही भरोसे,पढ़े पूरी खबर……

दिनेश शास्त्री देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ और पहाड़ी दोनों कराह रहे हैं लेकिन सिस्टम है क…